किर्गिस्तान अब मध्य एशिया की क्रिप्टो रेस में तेज़ी ला रहा है। संसद ने “वर्चुअल एसेट्स” कानून में संशोधन पास कर दिया है, जिसमें नेशनल क्रिप्टो रिज़र्व और स्टेट माइनिंग की परिभाषा दी गई है।
बिल का विवरण
अर्थव्यवस्था और वाणिज्य मंत्री बाकित सिद्यकोव ने बिल पेश किया, जो स्टेबलकॉइन, रियल वर्ल्ड एसेट्स (RWA) का टोकनाइजेशन और राज्य संचालित क्रिप्टो कार्यों के लिए कानूनी ढांचा देता है। रिज़र्व माइनिंग, टोकनाइजेशन और फिएट समर्थित स्टेबलकॉइन से बनेगा।*
(*स्टेबलकॉइन: क्रिप्टोकरेंसी जो डॉलर जैसे वास्तविक एसेट से जुड़ी होती है।)
वित्तीय स्थिरता
सिद्यकोव ने कहा कि रिज़र्व वित्तीय सिस्टम को मज़बूत और विविध बनाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार भी प्राइवेट कंपनियों की तरह ही माइनिंग टैरिफ देगी। “पावर प्लांट पर माइनिंग नहीं होगी,” उन्होंने कहा।
एसेट्स का मिश्रण
बिल के अनुसार रिज़र्व सिर्फ बिटकॉइन से नहीं बनेगा, बल्कि सरकार के पास मौजूद कई डिजिटल एसेट्स का मिश्रण होगा। रिज़र्व का प्रबंधन और उपयोग राष्ट्रपति तय करेंगे।
अब बिल राष्ट्रपति सादिर जापारोव के हस्ताक्षर का इंतज़ार कर रहा है। कुछ महीने पहले उन्होंने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) कानून पर हस्ताक्षर किया था। पड़ोसी कज़ाखस्तान भी रणनीतिक क्रिप्टो रिज़र्व बनाने पर विचार कर रहा है।
