रूस ने बिटकॉइन से किया तेल व्यापार, प्रतिबंधों को किया अनदेखा

रूस की कंपनियाँ बिटकॉइन और USDt का उपयोग कर चीन और भारत के साथ तेल व्यापार कर रही हैं, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बच रही हैं। यह जानकारी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सामने आई।

यह व्यापार बिचौलियों के जरिए होता है। चीनी खरीदार युआन में भुगतान करता है, जिसे बिचौलिया बिटकॉइन या USDt में बदलता है। इसके बाद, यह धन रूस भेजा जाता है और वहाँ रूबल में परिवर्तित किया जाता है।

2024 में, रूस के वित्त मंत्री ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बिटकॉइन का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन, तेल व्यापार में इसका उपयोग पहली बार सार्वजनिक हुआ है।

एक सूत्र ने बताया कि चाहे प्रतिबंध हों या न हों, क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग जारी रहेगा। भले ही रूस फिर से डॉलर का उपयोग कर सके, बिटकॉइन तेज़ और सुविधाजनक भुगतान विकल्प बना रहेगा।

चीन ने 2021 में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन वह अब भी बिटकॉइन खनन में अग्रणी बना हुआ है। वहीं, हांगकांग एक प्रमुख क्रिप्टो हब के रूप में उभर रहा है।

अमेरिका बिटकॉइन को अपनी रणनीतिक मुद्रा के रूप में अपना रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि चीन इस बदलाव को अनदेखा नहीं कर सकता। एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सरकार के पास कम से कम 1,93,000 BTC हो सकते हैं।