वॉशिंगटन में AI बना फोकस
अमेरिकी सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में दबदबा बनाने के लिए बड़ा कदम उठा रही है। ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें सभी सरकारी एजेंसियों को तेजी से AI को अपनाने के लिए कहा गया है — जैसे कोई नया TikTok ट्रेंड हो।
एजेंसियों के पास 270 दिन हैं अपनी पॉलिसी अपडेट करने के लिए ताकि ज्यादा से ज्यादा अमेरिकी AI टूल्स का इस्तेमाल किया जा सके। जैसे ChatGPT, Gemini, Llama, और Grok — सभी “Made in USA” टैग के साथ।
ट्रंप की योजना: कम नियम, ज्यादा AI
राष्ट्रपति ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर ने जो बाइडेन की 2023 की AI सेफ्टी गाइडलाइंस को हटा दिया। क्यों? उनका मानना है कि ज्यादा नियम इनोवेशन को खत्म कर देते हैं। उनका लक्ष्य है — अमेरिका को AI और क्रिप्टो की “वर्ल्ड कैपिटल” बनाना।
हालांकि, हर कोई खुश नहीं है। आलोचकों को डर है कि कम सुरक्षा नियमों से जनता को खतरा हो सकता है। लेकिन ट्रंप की टीम तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने “Stargate” नाम की एक नेशनल प्रोजेक्ट भी लॉन्च की है, जिसके तहत देशभर में AI डेटा सेंटर्स बनाए जाएंगे।
क्रिप्टो की दुनिया पर असर
AI का असर सिर्फ सरकार तक ही सीमित नहीं है। क्रिप्टो वर्ल्ड भी तेजी से बदल रहा है। कई Bitcoin माइनर्स अब सिर्फ कॉइन के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि अपनी एनर्जी और सिस्टम AI डेटा सेंटर्स को दे रहे हैं।
वहीं, 2024 में AI टोकन का जो क्रेज था, वो 2025 में ठंडा पड़ गया है। टॉप AI टोकन की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 42% से ज्यादा गिर चुकी हैं। इन्वेस्टर्स? अब वे मीमकॉइन की तरफ भाग रहे हैं।
