दुबई ने लॉन्च किया MENA क्षेत्र का पहला लाइसेंस प्राप्त टोकनाइज्ड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट

दुबई ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) में पहला आधिकारिक रूप से स्वीकृत रियल एस्टेट टोकनाइजेशन प्रोजेक्ट लॉन्च कर दिया है। यह शहर क्रिप्टो अपनाने में सबसे आगे निकलता जा रहा है।

सरकारी समर्थन की पूरी ताकत
इस परियोजना को दुबई लैंड डिपार्टमेंट, यूएई सेंट्रल बैंक और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन का समर्थन प्राप्त है। टोकन Prypco Mint नामक नए प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे और Zand डिजिटल बैंक इसका पायलट चला रहा है।

फिलहाल केवल यूएई निवासियों के लिए
शुरुआती चरण में केवल यूएई ID धारक ही निवेश कर सकते हैं। न्यूनतम निवेश राशि 2,000 दिरहम (लगभग 545 डॉलर) है और सभी लेन-देन AED में होंगे। क्रिप्टो का इस्तेमाल अभी नहीं होगा।

वास्तविक संपत्तियों का डिजिटल रूपांतरण
19 मई को, दुबई की वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने रीयल-वर्ल्ड एसेट्स (RWA) की टोकनाइजेशन की अनुमति दे दी। इसका मतलब है कि अब टोकन के रूप में संपत्तियां सेकेंडरी मार्केट में ट्रेड हो सकती हैं।

वैश्विक दृष्टिकोण के साथ
इस परियोजना की शुरुआत मार्च में हुई थी, जिसका उद्देश्य दुबई की प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों को ब्लॉकचेन से जोड़ना है। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशक आकर्षित होंगे और बाजार की तरलता बढ़ेगी।

UAE बन रहा है क्रिप्टो हब
दुबई पहले ही Crypto.com के साथ मिलकर सरकारी सेवाओं के लिए क्रिप्टो भुगतान की सुविधा दे चुका है। देश क्रिप्टो इकोनॉमी को खुले दिल से अपना रहा है।

रियल एस्टेट का भविष्य टोकन में?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2033 तक ग्लोबल रियल एस्टेट टोकनाइजेशन मार्केट 19.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें घर, ऑफिस और वेयरहाउस शामिल हैं।

RealT और Metlabs जैसी कंपनियां पहले से सक्रिय हैं, जबकि बाकी कंपनियां अब भी नियामकीय चुनौतियों से जूझ रही हैं।