हर साल नकली खाने से फूड इंडस्ट्री को 50 अरब डॉलर का नुकसान होता है। मिलावटी दूध, सस्ता तेल, और नकली मांस।
क्यों होता है ऐसा? सप्लाई चेन बहुत जटिल है। हर कंपनी का सिस्टम अलग होता है। डेटा शेयर नहीं होता।
नतीजा? लोगों का भरोसा टूटता है, स्वास्थ्य संकट आता है। 2008 में चीन में 3 लाख से ज़्यादा बच्चों को जहरीले दूध से नुकसान हुआ था।
ब्लॉकचेन इसमें मदद कर सकता है। डेटा सुरक्षित, स्थायी और सबको दिखने लायक होता है।
स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और IoT डिवाइस के साथ, हर स्टेप को ट्रैक किया जा सकता है।
Walmart और Carrefour जैसी कंपनियाँ पहले से इसका उपयोग कर रही हैं। दिन लगने वाला काम अब कुछ सेकंड में होता है।
लेकिन ध्यान रहे, ब्लॉकचेन जादू नहीं है। अगर डेटा गलत डाला गया, तो सब बेकार।
ज़रूरत है नियमों की, प्रशिक्षण की और इंडस्ट्री के सहयोग की।
ब्लॉकचेन दाल नहीं बनाएगा, लेकिन दाल में कुछ काला तो पकड़ ही लेगा।
