बिटकॉइन अब तक सुरक्षित है — लेकिन क्वांटम कंप्यूटर खतरा ला रहे हैं।
भरोसे की शुरुआत
2008 में Satoshi Nakamoto ने बैंकिंग संकट के बाद बिटकॉइन बनाया।
इसमें ECC क्रिप्टोग्राफी थी — सुरक्षा के लिए गणितीय कोड।
अब तक कोई हैक नहीं हुआ। BlackRock भी भरोसा करता है।
क्वांटम खतरा क्या है?
क्वांटम कंप्यूटर सामान्य की तरह एक-एक नहीं, बल्कि साथ-साथ गणना करते हैं।
इससे बिटकॉइन की सुरक्षा 5 साल में टूट सकती है — शायद इससे भी जल्दी।
2.2 ट्रिलियन डॉलर का खतरा
सिर्फ एक वॉलेट हैक होने से पूरा सिस्टम डगमगा सकता है।
करीब 6.2 मिलियन BTC पुराने असुरक्षित एड्रेस में पड़े हैं।
Q-डे क्या है?
Q-डे वह दिन है जब क्वांटम कंप्यूटर मौजूदा एन्क्रिप्शन को तोड़ सकेंगे।
डाटा अभी से जमा हो रहा है, बाद में उसे डिकोड करने की योजना है।
ब्लॉकचेन सबकुछ सार्वजनिक रखता है — पुरानी लेन-देन भी खतरे में हैं।
समाधान क्या है?
पूरा अपडेट करना मतलब हार्ड फोर्क — नेटवर्क को विभाजित कर सकता है।
इसके बजाय: स्मार्ट कीज़, लेयर सुरक्षा और हाइब्रिड मॉडल बेहतर हो सकते हैं।
अभी नहीं तो कभी नहीं
बिटकॉइन बदलाव में धीमा है — लेकिन अब समय नहीं बचा।
सतोशी ने हमें सिस्टम दिया, अब हमें उसे सुरक्षित रखना है।
