JD.com अब स्टेबलकॉइन रेस में कूद पड़ी है।
संस्थापक लियू कियांगडोंग ने कहा कि कंपनी हर प्रमुख देश में स्टेबलकॉइन लाइसेंस के लिए आवेदन करेगी।
उनका लक्ष्य: 90% सस्ता और 10 सेकंड में ग्लोबल पेमेंट।
SWIFT में कई दिन लगते हैं, लेकिन JD इसे चुटकियों में कर देगा।
रिटेल भी जल्द आएगा।
पहले B2B पेमेंट होंगे। फिर आम लोगों के लिए शुरू करेंगे।
“पहले B2B, फिर कंज्यूमर पेमेंट,” लियू बोले।
फेल हो सकता है? हो सकता है।
लियू मानते हैं कि प्रोजेक्ट फेल भी हो सकता है। “यही तो बिज़नेस है।”
JD अपना पुराना सप्लाई चेन मॉडल रखेगी, लेकिन इसे इंटरनेशनल बनाएगी।
चीन ने बढ़ाया डिजिटल युआन का कदम।
अगले दिन चीन के सेंट्रल बैंक ने शंघाई में डिजिटल युआन सेंटर बनाने की घोषणा की।
JD पहले से ही 2021 से DCEP का उपयोग कर रही है।
नियम बदल रहे हैं।
अमेरिका में GENIUS कानून पास हुआ है, जो स्टेबलकॉइन को रेगुलेट करेगा।
सीनेट में यह बिल 68-30 वोट से पास हुआ।
Circle के CEO बोले, “iPhone मोमेंट” अब दूर नहीं।
