लगार्ड की चेतावनी
ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लगार्ड फिर सामने आईं। इस बार निशाना है विदेशी स्टेबलकॉइन।
विदेशी जारीकर्ताओं पर रोक
अगर “बराबर के नियम” न हों तो रोक लगेगी। ब्रुसेल्स हर चीज़ पर नियंत्रण चाहता है।
घबराहट का डर
लगार्ड कहती हैं निवेशकों की सुरक्षा ज़रूरी है, पर मानती हैं कि रिज़र्व पर्याप्त नहीं होंगे। असल में डर है नियंत्रण खोने का।
अमेरिका का दबाव
अमेरिका ने कानून पारित कर दिया। यूरोप अब भी बातों में उलझा है। डॉलर मजबूत हो रहा है और यूरो पीछे छूट रहा है।
चीन का कदम
चीन युआन आधारित स्टेबलकॉइन पर विचार कर रहा है। अमेरिका आगे बढ़ रहा है, चीन परीक्षण कर रहा है, यूरोप अटका है।
