यूरोपीय संघ की एन्क्रिप्शन योजना डिजिटल सामंतवाद बना रही है

एन्क्रिप्शन का दोहरा ढांचा

यूरोपीय संघ की ProtectEU योजना सुरक्षा के नाम पर निगरानी लागू करती है। यह ऐप्स को मजबूर करती है कि वे संदेशों को एन्क्रिप्ट करने से पहले स्कैन करें। इसका मतलब है कि आपका फोन अब आपका जासूस बन जाएगा।

सरकार इसे “सुरक्षा” कहती है, लेकिन यह एक दो-स्तरीय प्रणाली बनाती है — मजबूत एन्क्रिप्शन सरकार के लिए, और कमजोर आम लोगों के लिए। यह एक डिजिटल सामंतवाद है।

एन्क्रिप्शन क्यों जरूरी है

एन्क्रिप्शन ऑनलाइन विश्वास की नींव है। यह निजी बातचीत, क्रिप्टो वॉलेट और वित्तीय प्रणालियों की रक्षा करता है। एक “बैकडोर” पूरे सिस्टम को नष्ट कर सकता है।

जब एन्क्रिप्शन कमजोर होता है, लोकतंत्र भी कमजोर हो जाता है। गोपनीयता अपराध नहीं है, यह सुरक्षा है।

Web3 का उत्तर: कोड के ज़रिए सत्य

Web3 का सिद्धांत है — “कोड पर भरोसा करो, सत्ता पर नहीं।” ज़ीरो नॉलेज प्रूफ जैसी तकनीकें बिना डेटा उजागर किए सत्यापित करने देती हैं।

एन्क्रिप्शन को कमजोर करना ऐसा है जैसे सभी चाबियाँ सत्ता के हाथ में देना।

यूरोपीय संघ की राह

यूरोपीय संघ को तय करना होगा कि वह नागरिकों की रक्षा करेगा या उनकी निगरानी। मजबूत एन्क्रिप्शन अपराधियों की नहीं, स्वतंत्रता की ढाल है।

(नोट: ज़ीरो नॉलेज प्रूफ — एक क्रिप्टोग्राफ़िक तरीका जो डेटा उजागर किए बिना सत्य साबित करता है।)