बिटकॉइन ETF में भारी निकासी, लेकिन XRP ETF ने बनाया ज़बरदस्त असर

बिटकॉइन ETF ने एक कठिन दिन देखा जब 866 मिलियन डॉलर की निकासी हुई, जिससे BTC छह महीने के निचले स्तर पर गिर गया। अमेरिकी सरकार का लंबा शटडाउन खत्म होने के बावजूद बाज़ार की भावना कमजोर रही। कई ट्रेडरों को यह गिरावट समझ नहीं आई। कुछ ने सरकारी देरी को दोष दिया, तो कुछ ने बाज़ार के मूड को “नखरीला” बताया।

दो दिनों से लगातार बिटकॉइन स्पॉट ETF में बड़ी निकासी हो रही है। ट्रम्प द्वारा नए फंडिंग बिल पर हस्ताक्षर करने से भी माहौल नहीं सुधरा। सरकार को 2026 तक फंडिंग मिल गई, लेकिन क्रिप्टो ट्रेडर को कागज़ नहीं, उछाल चाहिए।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जब तक बिटकॉइन 94,000 डॉलर से नीचे नहीं गिरता, तब तक बुल रन की नींव बनी रहती है। CryptoQuant के की यंग जू ने कहा कि पिछले एक साल में निवेशकों का औसत ख़रीद मूल्य इसी स्तर के आसपास है। यह स्तर टिके रहने का मतलब है कि बाज़ार अभी भी ज़िंदा है।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि पुराना चार साल का चक्र अब काम नहीं करता। ETF और नई अमेरिकी सरकार ने बाज़ार की संरचना को बदल दिया है। XRP ETF ने पहले दिन 58 मिलियन डॉलर के साथ शानदार शुरुआत की और निवेशकों की दिलचस्पी को साबित किया।

शब्दार्थ:
ETF: ऐसा फंड जो बिटकॉइन जैसी वास्तविक संपत्ति को रखता है।
निकासी: जब निवेशक फंड से पैसा निकालते हैं।
स्पॉट ETF: ऐसा ETF जो असली संपत्ति पर आधारित होता है।
औसत लागत: निवेशकों द्वारा भुगतान की गई औसत ख़रीद कीमत।