ईसीबी ने चेताया: स्टेबलकॉइन घबराहट यूरोप की अर्थव्यवस्था हिला सकती है

यूरोप में बढ़ती चिंता

यूरोपीय अधिकारी डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन के तेज़ विस्तार को जोखिम मानते हैं।
ओलाफ स्लेइपेन ने कहा कि ये टोकन स्थिर दिखते हैं पर गिरावट अचानक आती है।
विश्वास टूटते ही जारीकर्ता तेजी से संपत्ति बेच सकते हैं और बाज़ार दबाव बढ़ सकता है।
उन्होंने मजाक में कहा कि “स्टेबल” शब्द कभी-कभी विज्ञापन जैसा लगता है।

नीति पर भी असर संभव

एक बड़ा झटका ईसीबी को अपनी मौद्रिक नीति बदलने पर मजबूर कर सकता है।
यह स्पष्ट नहीं कि ब्याज दरें बढ़ेंगी या घटेंगी।
सब कुछ बिक्री की गति और पैमाने पर निर्भर है।
यह स्थिति तरलता, कीमतें और महंगाई पर प्रभाव डाल सकती है।

तेज़ी से बढ़ता बाज़ार

स्टेबलकॉइन बाज़ार लगभग 50% बढ़कर 310 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
USDT 127 से 183 अरब हुआ और USDC लगभग दोगुना हुआ।
अमेरिकी ट्रेजरी 2028 तक यह आंकड़ा 2 ट्रिलियन तक पहुँचने का अनुमान लगाता है।
स्लेइपेन कहते हैं कि ऐसा विस्तार यूरोप की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।

डॉलर आधारित कॉइन पर चिंता

कई अधिकारी यूरोज़ोन में डॉलर स्टेबलकॉइन की बढ़त से परेशान हैं।
डिजिटल यूरो से मौद्रिक नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
इटली कहता है कि ये कॉइन टैरिफ से ज्यादा खतरनाक हैं।
तिरोल चेताते हैं कि गिरावट की स्थिति में बड़े सरकारी सहायता पैकेज की जरूरत पड़ेगी।