क्रिप्टो बाजार एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। पहले कीमतों को खुदरा निवेशकों की गतिविधियां प्रभावित करती थीं। अब संस्थागत निवेशक बाजार की दिशा तय कर रहे हैं।
बिनेंस रिसर्च के अनुसार यह संस्थागत अपनाने का दूसरा चरण है। 2024 में बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ की मंजूरी के बाद बड़े बैंक सक्रिय हो गए।
मॉर्गन स्टेनली ने बिटकॉइन और सोलाना ईटीएफ के लिए आवेदन किया है। यह दिखाता है कि बैंक अब केवल क्रिप्टो बेच नहीं रहे, बल्कि उत्पाद बना भी रहे हैं।
MSCI द्वारा डिजिटल एसेट ट्रेजरी कंपनियों को इंडेक्स में बनाए रखने से बड़े पैमाने पर बिकवाली का खतरा कम हुआ।
टेक शेयरों में अत्यधिक एकाग्रता के कारण निवेशक विविधता की तलाश कर रहे हैं, जिसमें क्रिप्टो एक विकल्प बन रहा है।
