भारतीय एजेंसियों ने BitConnect के पतन के बाद हुई घटनाओं से जुड़े क्रिप्टो मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला प्लेटफॉर्म संचालन से अलग है।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने जबरन वसूली से प्राप्त डिजिटल संपत्तियों को छिपाने में मदद की। यह घटना 2018 की बताई जा रही है।
हजारों बिटकॉइन, लाइटकॉइन और बड़ी नकद राशि इस मामले में शामिल है। धन को छुपाने के लिए जटिल तरीकों का इस्तेमाल किया गया।
यह मामला दर्शाता है कि क्रिप्टो घोटालों के प्रभाव लंबे समय तक बने रहते हैं। निवेशकों के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है।
