दुबई ने रियल एस्टेट टोकनाइजेशन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। भूमि विभाग ने पायलट प्रोग्राम के दूसरे चरण की शुरुआत की है। लगभग 5 मिलियन डॉलर की संपत्तियों को पहले ही डिजिटल टोकन में बदला जा चुका है, जिससे करीब 7.8 मिलियन टोकन जारी हुए हैं जिन्हें दोबारा बेचा जा सकता है।
टोकनाइजेशन का मतलब है किसी भौतिक संपत्ति को ब्लॉकचेन पर छोटे डिजिटल हिस्सों में बांटना। इससे निवेशक पूरी इमारत खरीदे बिना उसमें हिस्सेदारी ले सकते हैं। यह मॉडल निवेश की बाधाओं को कम करता है और पारंपरिक रियल एस्टेट को क्रिप्टो इकोसिस्टम से जोड़ता है।
इस परियोजना का तकनीकी ढांचा Ctrl Alt संभाल रहा है, जो दुबई में लाइसेंस प्राप्त वर्चुअल एसेट सेवा प्रदाता है। सभी लेनदेन XRP Ledger पर दर्ज होते हैं और पेशेवर कस्टडी सिस्टम द्वारा सुरक्षित किए जाते हैं। इससे नियामकीय भरोसा और तकनीकी पारदर्शिता दोनों मिलते हैं।
मालदीव में भी एक ट्रंप-ब्रांडेड लग्जरी रिसॉर्ट के विकास चरण को टोकनाइज करने की योजना है। DarGlobal और World Liberty Financial, फिनटेक कंपनी Securitize के साथ मिलकर इस मॉडल पर काम कर रहे हैं। उद्देश्य है कि वैश्विक निवेशक डिजिटल टोकन के माध्यम से परियोजना में भाग ले सकें।
