यूरोप के बड़े बैंक डिजिटल एसेट बाजार में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
क्यूवैलिस नाम का बैंकिंग कंसोर्टियम 2026 की दूसरी छमाही में यूरो से जुड़ा स्टेबलकॉइन लॉन्च करना चाहता है।
आज स्टेबलकॉइन बाजार पर अमेरिकी डॉलर आधारित टोकन का दबदबा है। यूरोपीय बैंक एक विनियमित और घरेलू विकल्प पेश करना चाहते हैं। इससे डिजिटल भुगतान क्षेत्र में यूरोप की भूमिका मजबूत हो सकती है।
यह परियोजना यूरोपीय संघ के MiCA नियमों का पालन करेगी। इन नियमों के तहत जारीकर्ता को पर्याप्त रिजर्व और पारदर्शिता बनाए रखनी होती है। कंसोर्टियम ऐसे क्रिप्टो एक्सचेंजों से बातचीत कर रहा है जो इन मानकों को पूरा करते हों।
स्टेबलकॉइन 1:1 रिजर्व से समर्थित होगा। कम से कम 40% राशि बैंक जमा में रखी जाएगी। बाकी फंड उच्च गुणवत्ता वाले अल्पकालिक यूरोजोन सरकारी बॉन्ड में निवेश किए जाएंगे ताकि जोखिम संतुलित रहे। टोकन धारक 24/7 रिडेम्प्शन कर सकेंगे।
मुख्य उपयोग सीमा पार व्यापार भुगतान और रियल टाइम बी2बी ट्रांसफर होंगे। ब्लॉकचेन¹ तकनीक लेनदेन को तेज और पारदर्शी बनाएगी।
¹ब्लॉकचेन: एक वितरित डिजिटल लेजर प्रणाली जो लेनदेन रिकॉर्ड करती है।
