सोलाना ने कज़ाख़स्तान के साथ साझेदारी की है ताकि एक Web3 हब बनाया जा सके।
सोलाना फ़ाउंडेशन और कज़ाख़ सरकार ने एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। यह मध्य एशिया में पहली साझेदारी है। इसे कहा गया है “सोलाना इकोनॉमिक ज़ोन”।
इसका उद्देश्य क्या है?
कज़ाख़स्तान डिजिटल प्रगति को तेज़ करना चाहता है। सरकार मानती है कि यह ज़ोन नई तकनीकों के परीक्षण में मदद करेगा। दुबई क्रिप्टो सेंटर इसका उदाहरण है।
मंत्री झासलान मादियेव ने कहा कि वे डिजिटल भविष्य के लिए तैयार हैं। उन्हें लगता है कि सोलाना स्थानीय क्रिप्टो दुनिया को बदल सकता है।
ज़ोन में क्या होगा?
टोकनाइज़्ड कैपिटल मार्केट्स
सोलाना और स्थानीय पार्टनर पारंपरिक बाज़ारों में डिजिटल एसेट्स लाने का परीक्षण करेंगे।
Web3 शिक्षा
स्थानीय विश्वविद्यालय Web3 और Rust सिखाएंगे।
(Rust एक तेज़ और सुरक्षित प्रोग्रामिंग भाषा है।)
स्टार्टअप को प्रोत्साहन
कंपनियों को आकर्षित करने के लिए टैक्स छूट, नियम और इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा।
Web3 अब पूर्व की ओर बढ़ रहा है—सोलाना राह दिखा रहा है।
