अर्थशास्त्री की चेतावनी: ट्रंप की बिटकॉइन योजना डॉलर को कमजोर कर सकती है

ट्रंप अब बिटकॉइन के दीवाने हैं—लेकिन सभी खुश नहीं हैं।

शिफ़ की चेतावनी: “डॉलर पर दबाव”
अर्थशास्त्री पीटर शिफ़ ने X पर ट्रंप की आलोचना की। बोले कि बिटकॉइन खरीदना डॉलर पर दबाव डालता है और देश के लिए नुकसानदायक है।

उनका कहना है कि डॉलर से बिटकॉइन की अदला-बदली डॉलर की मांग घटाती है। इस साल बिटकॉइन पहले ही 30% से ज्यादा बढ़ चुका है।

ट्रंप को लगता है बिटकॉइन फायदेमंद है
ट्रंप मानते हैं कि बिटकॉइन रोजगार लाता है और डॉलर पर बोझ कम करता है। शिफ़ कहते हैं—ये सिर्फ कल्पना है।

सरकार डॉलर नहीं बेच रही, लेकिन बिटकॉइन खरीद रही है
अमेरिकी सरकार सीधे डॉलर नहीं बेच रही। वो जब्त पैसों से रणनीतिक बिटकॉइन भंडार बना रही है। टेक्सास, फ्लोरिडा सहित 10 राज्य भी यही कर रहे हैं। लेकिन क्रिप्टो बहुत अस्थिर होता है।

ट्रंप मीडिया ने जुटाए $2.3 बिलियन
ट्रंप की निजी कंपनी, ट्रंप मीडिया ने बिटकॉइन के लिए $2.3 बिलियन जुटाए। मई में व्हाइट हाउस में TRUMP मीम कॉइन के बड़े धारकों के लिए डिनर रखा गया, जिसमें $150 मिलियन खर्च हुए।

आलोचक कहते हैं ट्रंप परिवार ने क्रिप्टो से पहले ही $1 बिलियन से अधिक कमा लिया है। साफ है कि वे क्रिप्टो समुदाय को लुभा रहे हैं।

राजनीति या फंडिंग का जाल?
शिफ़ का कहना है कि ये नीति नहीं, बल्कि अमीर क्रिप्टो डोनर्स को लुभाने की चाल है। उन्होंने इसे “क्रिप्टो डोनेशन ट्रैप” कहा। अगर बिटकॉइन की कीमत गिरती है, तो भारी नुकसान हो सकता है।

DeFi में नई डील्स
परिवार की एक और कंपनी, World Liberty Financial ने DeFi* विस्तार के लिए Aqua 1 से $100 मिलियन जुटाए हैं। ट्रंप जूनियर कहते हैं बैंक ने उन्हें रिजेक्ट किया, इसलिए क्रिप्टो की ओर मुड़े। कई लोग इसे सिर्फ नया पैसा लाने का तरीका मानते हैं।

* DeFi: विकेंद्रीकृत वित्त—बिना बैंक के क्रिप्टो आधारित वित्तीय सेवाएं।