SBI होल्डिंग्स ने 320 मिलियन XRP (करीब 703 मिलियन डॉलर) ट्रांसफर किए। क्यों? कोई साफ वजह नहीं है।
ये ट्रांसफर Ripple द्वारा 1 जुलाई 2025 को 1 बिलियन XRP की रिलीज़ से ठीक पहले हुआ।
बड़ी ट्रांजैक्शन ने ध्यान खींचा
Ripple के पार्टनर SBI VC Trade के वॉलेट से 320M XRP एक नए वॉलेट में भेजे गए। इसके बाद 160M XRP की दो और ट्रांजैक्शन हुईं।
नया वॉलेट 30 जून को ही बनाया गया था।
XRP की कीमत में उछाल
ट्रांसफर के बाद XRP की कीमत एक हफ्ते में 8% से ज्यादा बढ़ी। ट्रेडिंग वॉल्यूम 2 बिलियन डॉलर तक पहुंचा।
Ripple की मासिक एस्क्रो रिलीज़
Ripple 2017 से हर महीने 1 बिलियन XRP रिलीज़ कर रहा है। जून में $2.21B की वैल्यू के XRP रिलीज़ हुए थे। जुलाई में फिर से रिलीज़ तय है—और तभी SBI ने ट्रांसफर किया।
अब क्यों ट्रांसफर?
हो सकता है SBI कोई रणनीतिक बदलाव या संस्थागत सेवा की तैयारी कर रहा हो। नया वॉलेट इसका संकेत है।
जापान में XRP को क्रिप्टो असेट माना जाता है, न कि सिक्योरिटी। इससे Ripple और SBI को स्थिर कानूनी माहौल मिलता है।
निवेशकों को घबराना चाहिए?
नहीं। यह शायद एक आंतरिक मूव है। समय अजीब है, लेकिन मार्केट ने पॉजिटिव रिएक्शन दिया है। निवेशक फिलहाल आराम से हैं।
