क्रिप्टो बाज़ार पर दबाव बढ़ रहा है।
लेकिन DeFi अब भी नियमों से बाहर है।
यूरोप का DAC8 क़ानून स्पष्ट लक्ष्यों पर केंद्रित है।
एक्सचेंज और कस्टोडियन पहले निशाने पर हैं।
DeFi कोड से चलता है।
इसका कोई मुख्य कार्यालय नहीं होता।
यह नियंत्रण को कठिन बनाता है।
पर यह स्थायी सुरक्षा नहीं है।
टैक्स एजेंसियाँ अब AML कानूनों का उपयोग कर रही हैं।
वे ज़िम्मेदारी तय करना चाहती हैं।
अमेरिका में DeFi बहस का विषय बना हुआ है।
मार्केट संरचना क़ानून अटका है।
आज़ादी और नियंत्रण आमने-सामने हैं।
DeFi इस टकराव के बीच है।
