दक्षिण कोरिया ने नौ साल बाद कंपनियों को फिर से क्रिप्टो ट्रेडिंग की अनुमति दी है। वित्तीय सेवा आयोग (FSC) ने सूचीबद्ध कंपनियों और पेशेवर निवेश फर्मों के लिए नया ढांचा जारी किया है। हालांकि यह वापसी पूरी तरह खुली नहीं है, बल्कि नियंत्रित नियमों के तहत होगी।
नए नियमों के अनुसार, कोई भी कंपनी अपने वार्षिक इक्विटी पूंजी का अधिकतम 5% ही क्रिप्टो में निवेश कर सकती है। इसका उद्देश्य बैलेंस शीट को तेज कीमत उतार-चढ़ाव से बचाना है। निवेश केवल देश के लाइसेंस प्राप्त एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध शीर्ष 20 क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित रहेगा। इससे निवेश मुख्य रूप से Bitcoin और Ether जैसे बड़े एसेट्स में केंद्रित होगा।
सरकार 2026 में प्रस्तावित डिजिटल एसेट बेसिक एक्ट के जरिए व्यापक सुधार भी लाना चाहती है। यह कानून एक्सचेंज निगरानी, टोकन जारी करना और कस्टडी सेवाओं को एकीकृत करेगा।¹ वोन आधारित स्टेबलकॉइन और स्पॉट क्रिप्टो ETF पर भी विचार चल रहा है।²
संस्थागत भागीदारी से बाजार में तरलता बढ़ सकती है और ढांचा मजबूत हो सकता है। फिर भी 5% की सीमा के कारण शुरुआती दौर में बड़े कॉर्पोरेट फंड्स के प्रवेश की संभावना कम है। नियामक अभी भी अस्थिरता, परिचालन जोखिम और प्रतिष्ठा संबंधी चिंताओं पर नजर रखे हुए हैं। दक्षिण कोरिया सावधानी से आगे बढ़ रहा है।
¹ कस्टडी: डिजिटल एसेट्स को सुरक्षित रूप से रखने की सेवा।
² स्पॉट ETF: ऐसा फंड जो सीधे मूल क्रिप्टो एसेट को होल्ड करता है।
