पोलैंड के राष्ट्रपति ने MiCA लागू करने वाले विधेयक को दूसरी बार वीटो कर दिया है। इससे स्थानीय क्रिप्टो कंपनियों के सामने अनिश्चितता बढ़ गई है, खासकर जब यूरोपीय समयसीमा नजदीक है।
राष्ट्रपति करोल नवरोत्स्की ने बिल 2064 पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया। उनका कहना था कि यह पहले खारिज किए गए प्रस्ताव जैसा ही है। यह कानून यूरोपीय संघ के क्रिप्टो एसेट मार्केट रेगुलेशन, यानी MiCA, को पोलैंड के कानून में शामिल करने के लिए था।
जुलाई 2026 तक MiCA ढांचा पूरी तरह लागू होना है। लेकिन पोलैंड ने अभी तक क्रिप्टो बाजार की निगरानी के लिए कोई सक्षम प्राधिकरण नियुक्त नहीं किया है। इससे स्थानीय कंपनियों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया अस्पष्ट बनी हुई है।
दूसरी ओर, जो कंपनियां किसी अन्य यूरोपीय देश में MiCA लाइसेंस प्राप्त कर चुकी हैं, वे “पासपोर्टिंग” व्यवस्था के तहत पोलैंड में सेवाएं दे सकती हैं। इससे विदेशी कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है।
कुछ बड़ी कंपनियां पहले ही विदेश में लाइसेंस लेकर अपनी स्थिति सुरक्षित कर चुकी हैं। हालांकि छोटे कारोबारों के लिए यह विकल्प आसान नहीं है।
अब एक नए और अधिक उद्योग-अनुकूल प्रस्ताव पर काम होने की चर्चा है। तब तक पोलैंड का क्रिप्टो बाजार इंतजार की स्थिति में रहेगा।
